खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 एवं विनियम-2011 के अंतर्गत जिले में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी गतिविधियों की समीक्षा के लिए गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक सोमवार को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री धीरेन्द्र सिंह, उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ विभाग, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, जिला उद्योग केन्द्र, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में जिले में खाद्य सुरक्षा के अंतर्गत की जा रही कार्रवाई, निरीक्षण एवं नमूना जांच की प्रगति की समीक्षा की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा राज्य शासन के मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत जिले में की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की गई। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 28 सितम्बर तक जिले में 588 निरीक्षण किए गए तथा 491 लीगल और 291 सर्विलेंस नमूने लिए गए हैं। नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है तथा प्राप्त जांच प्रतिवेदनों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

फूड हाईजीन अभियान का दायरा और बढ़ाने के निर्देश- खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा बताया गया कि विगत एक माह के दौरान जिले के 59 बड़े एवं छोटे होटल, रेस्टोरेंट एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है। कलेक्टर श्री नारायन ने इन निरीक्षणों की संख्या और बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि होटलों के साथ-साथ स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, चाट-फुल्की विक्रेताओं, ढाबों तथा अन्य छोटे-बड़े खाद्य प्रतिष्ठानों की भी नियमित जांच की जाए। खाद्य पदार्थ खुले में न रखे जाएं तथा धूल, मक्खी और अन्य प्रदूषण से खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के साथ स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।

दीपावली पर मावा, पनीर एवं मिठाइयों की विशेष जांच के दिए निर्देश - आगामी नवरात्र एवं दीपावली पर्व को देखते हुए कलेक्टर श्री नारायन ने खाद्य पदार्थों की जांच बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मावा, पनीर, घी, दूध, मिठाइयों, खाद्य तेल, बेसन, मैदा, रवा एवं मसालों सहित त्योहारों के दौरान अधिक उपयोग में आने वाले खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर परीक्षण कराया जाए। चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला एवं रैपिड टेस्टिंग किट के माध्यम से मौके पर जांच की जाए तथा अवमानक खाद्य पदार्थ पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर श्री नारायन ने विशेष रूप से कहा कि शासन द्वारा एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया गया है, इसलिए जिले की किसी भी दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान अथवा अन्य खाद्य प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित एनालॉग पनीर का विक्रय अथवा उपयोग नहीं होना चाहिए। खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान इस पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए तथा प्रतिबंधित एनालॉग पनीर पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मध्यान्ह भोजन और आदिवासी छात्रावासों के भोजन की भी जांच करें - कलेक्टर श्री नारायन ने विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन, शासकीय एवं अशासकीय छात्रावासों तथा विशेष रूप से आदिवासी छात्रावासों में विद्यार्थियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों की भी नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना आवश्यक है। इस संबंध में खाद्य सामग्री के रख-रखाव, भोजन तैयार करने की व्यवस्था और स्वच्छता का भी परीक्षण किया जाए।

लंबित जुर्माना राशि की वसूली में तेजी लाने के निर्देश - बैठक में कलेक्टर श्री नारायन ने पूर्व में जिन खाद्य व्यापारियों पर जुर्माना अधिरोपित किया गया है, उनसे लंबित जुर्माना राशि की वसूली प्राथमिकता से करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में लंबे समय से जुर्माना राशि जमा नहीं की गई है, उनमें नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए लंबित राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए।