ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और पशुपालन को आय का सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में संचालित मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का लाभ जिले के करेली विकासखंड के ग्राम कपूरी निवासी श्री आजाद जाट के लिए बदलाव का माध्यम बना है। योजना से पहले सीमित पशुधन और कम दूध उत्पादन के कारण उनकी डेयरी गतिविधि से होने वाली आय भी सीमित थी। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण व्यवसाय का विस्तार करना उनके लिए कठिन था।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के मार्गदर्शन में आजाद जाट को मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से जोड़ा गया। योजना के अंतर्गत उन्हें अनुदान सहायता के साथ दो उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंसें उपलब्ध कराई गईं। इन पशुओं के मिलने से उनके डेयरी व्यवसाय को विस्तार मिला और दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
प्रतिदिन 20 लीटर अतिरिक्त दूध उत्पादन
आजाद जाट के पास अब दोनों भैंसों से प्रतिदिन औसतन 20 लीटर अतिरिक्त दूध प्राप्त हो रहा है। इससे उनके परिवार के लिए डेयरी व्यवसाय पहले की तुलना में अधिक लाभकारी हुआ है। उत्पादित दूध को स्थानीय डेयरी एवं बाजार में उचित और प्रतिस्पर्धी दरों पर विक्रय किया जा रहा है, जिससे परिवार को नियमित एवं बेहतर आय प्राप्त हो रही है।
पहले जहां सीमित पशुधन के कारण डेयरी व्यवसाय का विस्तार करना मुश्किल था, वहीं अब अतिरिक्त दूध उत्पादन ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का अवसर दिया है। नियमित आय मिलने से परिवार के जीवन स्तर में सुधार आया है और आजाद जाट अब पशुपालन को अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
पशुपालन बना आत्मनिर्भरता का आधार
योजना से मिले पशुधन ने आजाद जाट के लिए सिर्फ दूध उत्पादन बढ़ाने का काम नहीं किया, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत आधार भी तैयार किया है। अतिरिक्त दूध से होने वाली आय को वे अपने परिवार की आवश्यकताओं और डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाने में उपयोग कर पा रहे हैं। आजाद जाट बताते हैं कि उन्नत नस्ल की भैंसें मिलने से उनके डेयरी व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव आया है। दूध उत्पादन बढ़ने से नियमित आय में वृद्धि हुई है और अब वे पशुपालन को भविष्य में और आगे बढ़ाने की दिशा में सोच रहे हैं।
“ योजना ने डेयरी व्यवसाय को नई राह दी ”
हितग्राही श्री आजाद जाट के अनुसार, “ मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना मेरे परिवार के लिए वरदान साबित हुई है। दो उन्नत नस्ल की भैंसें मिलने से मेरा दूध व्यवसाय पटरी पर आ गया है और दैनिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे मुझे अपने डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाने का विश्वास मिला है। ”
आजाद जाट की कहानी यह दर्शाती है कि शासकीय सहायता, पशुपालन का अनुभव और मेहनत मिलकर ग्रामीण परिवारों के लिए आय का स्थायी और मजबूत आधार तैयार कर सकते हैं। योजना से मिले पशुधन ने उनके परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनने और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से मिले लाभ और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में आए सकारात्मक बदलाव के लिए हितग्राही श्री आजाद जाट ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन की ऐसी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को अपने पैरों पर खड़े होने और पशुपालन जैसे व्यवसायों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।

