विश्व हृदय दिवस अवसर पर 29 सितंबर को जिला चिकित्सालय एवं आरोग्य केन्द्रों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज कुमार हुरमाडे ने बताया कि दिल की बीमारी के कुछ प्रारंभिक लक्षण है, जिन्हें नजर अंदाज नहीं करना चाहिए।

यदि किसी को छाती में दर्द, छाती पर किसी भारी वस्तु की तरह लगता है, कुछ मिनटों तक बेचैनी महसूस हो सकती है, हाथ, गर्दन, जबड़ा ऊपरी पीठ में अचानक दर्द उठना, बेचैनी, रोजमर्रा के काम में थकान महसूस होना, अचानक ठंडा पसीना आना, अनियमित दिल की धड़कन, इन लक्षणों में किसी का अनुभव हो अपनी शीघ्र जांच करानी चाहिए।

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए सतुलित, एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें, नियमित रूप से व्यायाम करें, धूम्रपान एवं मदिरापान से दूर रहे, समय -समय पर ब्लड प्रेशर एवं शुगर की जांच कराए। जिला चिकित्सालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ हिमांशु धोटे, आर बी एस के मैनेजर एवं अस्पताल स्टॉप मौजूद रहे।