पेंच टाइगर रिजर्व के खवासा में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी कोर क्षेत्र के गाइडों के लिए दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। 11 एवं 12 सितंबर 2026 को आयोजित इस प्रशिक्षण में टुरिया, कर्माझिरी एवं जमतरा गेट के कुल 110 गाइडों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान गाइडों को पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में बाघ की महत्वपूर्ण भूमिका के साथ-साथ पेंच क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न स्तनधारी, पक्षी, तितली एवं सरीसृप प्रजातियों की विशेषताओं और खाद्य श्रृंखला में उनकी भूमिका के संबंध में विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई।
खास बातें
- प्रशिक्षण में ट्रांसलोकेशन एवं रिलोकेशन के बीच मूलभूत अंतर तथा वन्यजीव प्रबंधन में उनकी उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया।
- प्रशिक्षण का उद्देश्य गाइडों के वन्यजीव ज्ञान को अद्यतन करने के साथ-साथ पर्यटकों को बेहतर एवं जिम्मेदार पर्यटन अनुभव प्रदान करने के लिए उनकी दक्षता में वृद्धि करना रहा।
गाइडों को पर्यटकों के साथ व्यवहार एवं संवाद, वाहन संचालन के नियम, भ्रमण के दौरान शोर न करने, कचरा प्रबंधन, निर्धारित मार्गों पर ही वाहन चलाने तथा वन्यजीवों को किसी भी प्रकार का व्यवधान न पहुंचाने संबंधी आचार संहिता की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में ट्रांसलोकेशन एवं रिलोकेशन के बीच मूलभूत अंतर तथा वन्यजीव प्रबंधन में उनकी उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया।
इसके साथ ही इको-सेंसिटिव जोन में लागू प्रतिबंधों, निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण तथा पर्यटन से संबंधित विभिन्न दिशानिर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य गाइडों के वन्यजीव ज्ञान को अद्यतन करने के साथ-साथ पर्यटकों को बेहतर एवं जिम्मेदार पर्यटन अनुभव प्रदान करने के लिए उनकी दक्षता में वृद्धि करना रहा।
पर्यटन वर्ष की तैयारियों के अंतर्गत पेंच टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के सभी प्रवेश द्वारों के गाइडों के लिए 15 सितंबर से अंग्रेजी भाषा का विशेष प्रशिक्षण भी प्रारंभ किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से गाइड देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के साथ अंग्रेजी भाषा में सहजता एवं आत्मविश्वास के साथ संवाद करने में सक्षम होंगे।
पेंच प्रबंधन द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, गाइडों की कार्यदक्षता विकसित करने तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।



