वनमंडल उत्तर सिवनी के अंतर्गत वन परिक्षेत्र घंसौर (सा.) के बीट पूर्व बिनोरी, कक्ष क्रमांक RF-911 स्थित बिनोरी जीवाश्म क्षेत्र का आज वन मंडलाधिकारी उत्तर सिवनी डॉ महेंद्र सिंह उइके द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया।

बिनौरी क्षेत्र में प्राचीन वृक्षों के जीवाश्मीकृत काष्ठ (Petrified Wood Fossils) के अवशेष विभिन्न स्थानों पर दिखाई देते हैं।

खास बातें

  • बिनौरी क्षेत्र में प्राचीन वृक्षों के जीवाश्मीकृत काष्ठ (Petrified Wood Fossils) के अवशेष विभिन्न स्थानों पर दिखाई देते हैं।
  • क्षेत्र में दिखाई देने वाले लंबे, खंडित एवं गोलाकार अवशेष प्राचीन वृक्षों के तनों, शाखाओं के जीवाश्मीकृत अवशेष होने का संकेत देते हैं।
  • मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड, भोपाल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एल. कृष्णमूर्ति द्वारा

प्राकृतिक भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के दौरान प्राचीन वृक्षों के तने एवं लकड़ी के अवशेष लंबे समय तक भू-स्तरों में दबे रहे और उनमें खनिज पदार्थों के प्रवेश से वे धीरे-धीरे पत्थर जैसी अवस्था में परिवर्तित हुए।

क्षेत्र में दिखाई देने वाले लंबे, खंडित एवं गोलाकार अवशेष प्राचीन वृक्षों के तनों, शाखाओं के जीवाश्मीकृत अवशेष होने का संकेत देते हैं।

इस प्रकार बिनौरी का जीवाश्म क्षेत्र प्राचीन वनस्पति, भू-वैज्ञानिक इतिहास एवं प्राकृतिक विरासत के संरक्षण तथा अध्ययन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है।

मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड, भोपाल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एल. कृष्णमूर्ति द्वारा

बिनोरी जीवाश्म क्षेत्र के विकास हेतु विशेष रुचि लेते हुए योजना बनाने एवं विकास कार्य प्रस्तावित करने हेतु निर्देशित किया था, जिसके फलस्वरूप कार्य प्रस्तावित किए गए जिसके अंतर्गत जीवाश्म क्षेत्र का संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण, सुरक्षित पहुंच मार्ग, प्राकृतिक/लोहे की फेंसिंग, पगोडा निर्माण, प्राकृतिक पथ (Nature Trail), पर्यटक सुविधा, सूचना एवं व्याख्या संबंधी व्यवस्थाएं तथा अन्य आवश्यक विकास कार्य शामिल हैं।

वनमण्डलाधिकारी द्वारा स्थल का निरीक्षण कर प्रस्तावित कार्यों के संबंध में आवश्यक परीक्षण किया गया तथा आगामी समस्त प्रस्तावित कार्यों के लिए कार्य प्रारंभ करने हेतु स्वीकृति प्रदान की गई। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया कि विकास कार्य करते समय जीवाश्म क्षेत्र की प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक महत्ता तथा उसके संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए।

बिनोरी जीवाश्म क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से विकसित किए जाने से क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों एवं विद्यार्थियों को जीवाश्म तथा स्थानीय प्राकृतिक विरासत के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, क्षेत्र की सुरक्षा एवं संरक्षण व्यवस्था को भी मजबूत किया जा सकेगा।

निरीक्षण के दौरान वन विभाग के परिक्षेत्र अधिकारी घंसौर एवं कर्मचारी उपस्थित रहे तथा प्रस्तावित कार्यों के क्रियान्वयन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रस्तुत की गई।